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CG : प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण 17 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी विधानसभा घेराव की तैयारी में

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान एनएचएम कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा मांगों के निराकरण हेतु घेराव एवं आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

ज्ञात हो कि एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे प्रदान करना, चिकित्सा परिचर्या सुविधा उपलब्ध कराना, अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान, स्थानांतरण नीति लागू करना, नई मानव संसाधन नीति लागू करना तथा नियमित कर्मचारियों की भांति वेतन खाते के माध्यम से बीमा सुविधा प्रदान करना शामिल है।

इन मांगों से संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद पिछले 5 माह से प्रशासनिक स्तर पर लंबित पड़ी हैं।

संघ के पदाधिकारियों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर मांगों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया गया तथा मंत्री द्वारा सार्वजनिक घोषणा भी की गई, किंतु आज तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों में भारी असंतोष एवं रोष व्याप्त है।

एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा एवं प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि मंत्री जी द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद फाइलों में कोई प्रगति नहीं हो रही है। यदि शीघ्र ही कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो प्रदेश के लगभग 17,500 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

संघ ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को न्याय मिल सके एवं प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें।

महासमुंद जिले के नेतृत कर्ता जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मेन्द्र सिंहा, परमेश्वर सेन, मनीष भारद्वाज, सुरेंद्र चंद्राकर, डॉ देवेंद्र साहू, डॉ मधुराज देवांगन.


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