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महासमुंद में जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद’ का आयोजन

वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण, नीति निर्धारण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा “विकसित भारत युवा संसद” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद स्थित शासकीय वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जिला स्तरीय युवा संसद का आयोजन किया गया। 

 कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर युवा संसद आयोजित की गई, जिसमें पक्ष में 6 और विपक्ष में 8 युवाओं ने तथ्यपूर्ण और प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को स्वस्थ विचार व्यक्त करने, लोकतांत्रिक परंपराओं को समझने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त लोकतंत्र और मजबूत राष्ट्र निर्माण ही इस पहल का मूल उद्देश्य है। जिला नोडल अधिकारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की सुरक्षा के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।

युवा संसद में स्पीकर की भूमिका निभाने वाली छात्रा ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। वहीं एक प्रतिभागी सदस्य ने कहा कि आपातकाल के दौरान हुए संवैधानिक बदलावों को समझना और संविधान की रक्षा के महत्व को जानना उनके लिए एक महत्वपूर्ण सीख रही। गौरतलब है कि जिला स्तर पर चयनित 10 युवा राज्य विधानसभा में अपने विचार रखेंगे, जबकि राज्य स्तर से चयनित 3 युवाओं को संसद भवन में बोलने का अवसर प्राप्त होगा।


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