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CG : वित्तीय स्वीकृति पर गरमाया सदन, मंत्री ने लंबित फाइलों से किया इनकार, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में आज वित्तीय स्वीकृति को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने प्रश्नकाल के दौरान बजट में सम्मिलित विभिन्न कार्यों को अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर कौन-कौन से कार्य वित्त विभाग के पास लंबित हैं और उन्हें स्वीकृति देने में देरी क्यों हो रही है।

इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान में वित्त विभाग में कोई भी कार्य लंबित नहीं है। मंत्री के इस जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और कहा कि सिंचाई विभाग (एरीकेशन) और लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े कई कार्य वित्त विभाग में जाकर पेंडिंग हो जाते हैं।

विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित नहीं रखा जाता। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। नवीन मद की राशि में बढ़ोतरी की गई है। मशीन एवं उपकरण खरीद की सीमा को पहले 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा भी 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है।

 




मंत्री ने यह भी कहा कि बजट में जो प्रावधान किए जाते हैं, वे वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया का हिस्सा हैं। बजट में अक्सर अधिक प्रावधान होते हैं, लेकिन सरकार प्राथमिकता के आधार पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करती है ताकि जरूरी कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप करते हुए बालोद जिले का मुद्दा उठाया और कहा कि वहां के कार्यों की स्थिति स्पष्ट की जाए। इस पर वित्त मंत्री ने जवाब दिया कि बालोद जिले के लिए भी वित्त विभाग में कोई फाइल लंबित नहीं है।

भूपेश बघेल ने इसके बाद कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या PWD से वित्त विभाग की फाइल मंगाकर उसे स्वीकृत किया जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि हर कार्य की एक तय प्रक्रिया होती है और उसी के तहत स्वीकृति दी जाती है। कांग्रेस विधायकों ने तर्क दिया कि 18 करोड़ रुपये तक की स्वीकृति तो सरकार आसानी से दे सकती है, लेकिन फिर भी देरी की जा रही है।

वित्त मंत्री ने जवाब में कहा कि विभाग अपनी ओर से सभी आवश्यक कार्य करता है। इस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वित्त मंत्री काफी उदार हैं, वे यदि घोषणा कर दें तो विपक्ष भी उनका स्वागत करेगा। हालांकि मंत्री ने दोहराया कि हर काम की एक पद्धति होती है और उसी के अनुसार निर्णय लिए जाते हैं। वित्त मंत्री के जवाबों से असंतुष्ट होकर विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।


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