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महासमुंद : 35 हजार हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपए राशि अंतरित

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आज बलौदाबाजार जिले से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा डीबीटी के माध्यम से राज्य के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। इसी क्रम में जिले में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर जिले के 35,226 पात्र हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त के रूप में प्रति हितग्राही 10 हजार रुपये की दर से राशि अंतरित की गई एवं अतिथियों द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला स्काउट एवं गाइड के अध्यक्ष ऐतराम साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, सदस्य निधि चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में अनेक ऐसे परिवार हैं, जो भूमिहीन होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन करते हैं। ऐसे परिवारों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में आज जिले के 35,226 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अंतरित की गई है, जिससे उन्हें त्वरित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने इस दूरदर्शी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह योजना अंत्योदय की भावना को साकार करती है। इसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहायता भूमिहीन मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।

जिला स्काउट एवं गाइड के अध्यक्ष ऐतराम साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूर्व में दी जा रही 7,000 रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति वर्ष किया गया है, जो सराहनीय निर्णय है। इससे हितग्राही परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने कहा कि यह योजना राज्य सहित जिले के भूमिहीन कृषक एवं श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनी है।

जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया जाना चाहिए। उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि वे इस राशि का उपयोग केवल दैनिक आवश्यकताओं तक सीमित न रखकर स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों एवं उद्यानिकी कार्यों में करें, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में महेंद्र सिक्का, राहुल चंद्राकर, प्रकाश शर्मा, एसडीएम अक्षा गुप्ता, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल सहित बड़ी संख्या में कृषक एवं हितग्राही उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पारंपरिक सेवा से जुड़े भूमिहीन परिवारों को भी शामिल किया गया है।

इसके अतिरिक्त अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों पर पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया एवं माँझी परिवारों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जाती है।


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