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देशभर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति सामान्य

सरकार ने कहा है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्‍मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि किसी भी एलपीजी वितरक केंद्र पर आपूर्ति में कमी की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं और पेट्रोल तथा डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सुश्री शर्मा ने कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी भी सुचारू रूप से जारी है और ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 96 प्रतिशत तक हो गई है। उन्होंने कहा कि कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पांच किलो के एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री दोगुना करने का नया आदेश जारी किया है। फरवरी में इन सिलेंडरों की औसत प्रतिदिन बिक्री लगभग 77 हजार सिलेंडर थी, जो अब बढ़कर लगभग एक लाख हो गई है। उन्होंने बताया कि 23 मार्च से अब तक लगभग सात लाख 80 हजार 5 किलो के सिलेंडर बिक चुके हैं।

पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 433 भारतीय नाविकों वाले 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं। श्री मंगल ने कहा कि जहाजरानी महानिदेशालय जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के समन्वय से लगातार निगरानी कर रहा है।

नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय उपाय लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विमानन टरबाइन ईंधन की कीमत को समय पर नियंत्रित करने के लिए सरकार के हस्तक्षेप के कारण घरेलू हवाई किराए स्थिर बने हुए हैं। श्री चुबा ने कहा कि लंबी दूरी के मार्गों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए परिचालन संबंधी छूट भी दी गई है। उन्होंने कहा कि चालक दल की भारी कमी को रोकने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय ने पायलटों के उड़ान समय की सीमा में अस्थायी ढील दी है।

विदेश मंत्रालय के अपर सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम आर महाजन ने कहा कि 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया क्षेत्र से 7 लाख से अधिक यात्री स्‍वदेश आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान होते हुए भारत आने वाले एक हजार आठ सौ 62 भारतीय नागरिकों की यात्रा में सहायता की है। इनमें नौ सौ 35 भारतीय छात्र और चार सौ 72 मछुआरे शामिल हैं।


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