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महासमुंद : पुलिस कस्टडी से 77 लाख रुपये की गैस चोरी, कस्टडी लेने वाले पर मामला दर्ज

सिंघोड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में जब्त LPG गैस कैप्सूल ट्रक से 77 लाख रुपये की गैस चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जिसमे पुलिस ने सुरक्षा कारणों से 06 गैस कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था, और इन ट्रकों को 30 मार्च 2026 को सुरक्षित रखरखाव के लिए ठाकुर पेट्रो केमिकल्स उरला, रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर को कस्टडी पर सौंपा गया था.

मिली जानकारी के अनुसार सिंघोड़ा पुलिस ने 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रक को दिसम्बर 2025 में जप्त किया गया था. भीषण गर्मी पड़ने पर तथा थाना सिंघोडा में सुरक्षा के मानक उपबंधों की पर्याप्त व्यवस्था न होने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए, उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने हेतु पुलिस अधीक्षक महासमुंद के माध्यम से जिला कलेक्टर महासमुंद को पत्र लिखा गया.

जिसपर जिला कलेक्टर ने खाद्य विभाग जिला महासमुंद को उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने हेतु निर्देशित किया था, उक्त आदेश के परिपालन में 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग से खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी एवं मनीष यादव के उपस्थिति में ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संतोष सिंह ठाकुर को 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुपुर्दनामा में दिलवाया. तथा सुपुर्दनामा के बाद संतोष सिंह ठाकुर के द्वारा उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को अपने कर्मचारियों के माध्यम से थाना सिंघोडा से ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर ले गए.

उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षार्थ रखने हेतु ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स संतोष सिंह ठाकुर पिता मूलसिंह ठाकुर उम्र 56 वर्ष, निवासी ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर को न्यस्त किया.

जांच में सुब्रमण्यिम के 03 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रक करीब 50 टन LPG गैस कीमती लगभग 45,00,000 रूपये तथा गुणाशेखरन के 02 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रक 37 टन LPG गैस कीमती 32,00,000 रूपये को ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के सुपुर्दनामा में लेने वाले संतोष सिंह ठाकुर के द्वारा मिलीभगत कर उक्त 05 नग LPG कैप्सुल ट्रक गैस भरा हुआ के संबंध में आपराधिक न्यास भंग करना पाया गया.

अतः कुल 87 टन LPG गैस कीमती करीब 77,00,000 रूपये का ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के सुपुर्दनामा में लेने वाले संतोष सिंह ठाकुर तथा अन्य डायरेक्टर, संचालक, मैनेजर व अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 316(3), 3(5) बीएनएस का अपराध घटित करना पाये जाने पर धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया.

कहाँ रखा गया था कैप्सूल, कहाँ हुआ खाली, पल पल की कहानी

जिला कलेक्टर महासमुंद के द्वारा खाद्य विभाग जिला महासमुंद को उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने हेतु निर्देशित किया गया था उक्त आदेश के परिपालन में दिनांक 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग से खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी एवं मनीष यादव महासमुंद के द्वारा अपने साथ ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संतोष सिंह ठाकुर को लेकर थाना सिंघोडा में आये तथा थाना सिंघोडा में तीनों खाद्य अधिकारियों के द्वारा अपनी उपस्थिति में ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संतोष सिंह ठाकुर को 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुपुर्दनामा में दिलवाया गया.

सुपुर्दनामा के बाद संतोष सिंह ठाकुर के द्वारा उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को अपने कर्मचारियों के माध्यम से थाना सिंघोडा से ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर ले जाया गया.

31 मार्च 2026 की रात दो कैप्सूल जिसमे 83 से 86 फीसदी एलपीजी भरा था उन्हें शाम 7 से रात 12 बजे खाली कराया गया. इसी तरह 1 अप्रैल रात को 83 फीसदी गैस से भरा एक कैप्सूल,  5 अप्रैल रात को 80 फीसदी गैस से भरा एक कैप्सूल और 5 अप्रैल रात को 83 फीसदी गैस से भरा दो कैप्सूल आपराधिक षड़यंत्र के अंतर्गत खाली किया गया.

वजन में देरी, खाली करने के बाद वजन, क्या है कारण?

सुपुर्दनामे के समय या उसके तुरंत बाद कैप्सूल्स के तौल की कार्यवाही नहीं की. इसी प्रक्रियात्मक भूल का फायदा उठाते हुआ ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर, सार्थक ठाकुर और अन्य ने जब्त लगभग 105 टन गैस के आपराधिक न्यासभंग की कार्ययोजना बनायीं.

सिंघोड़ा से अभनपुर तक 200 किलीमीटर की दूरी में पंद्रह से ज्यादा धर्मकांटा है, परन्तु सम्बंधित के द्वारा तौल नहीं किया गया. छ: कैप्सूल्स को प्लांट फैसिलिटी से लगभग 200 मीटर दूर पार्किंग में खड़ा किया गया. पांच वाहनों की तौल 6 अप्रैल और छठे की तौल 8 अप्रैल को किया गया.

उक्त आठ दिन एक एक करके कैप्सूल्स को प्लांट के अंदर स्थिल बुलेट में खाली किया गया. और जब वह भी भर गया तो ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिकाना और वहां चलने वाले दो व्यक्तिगत टैंकर में गैस को खाली किया गया.

इसके बाद भी चोरी की गैस, क्षमता से कहीं ज्यादा थे, रायपुर के विभिन्न एजेंसियों और प्लांटों को थोक में लगभग 4 से 6 टन तक गैस बिना पक्के बिल के कच्चे चालान में भेजा गया।.

वजन करने में देरी का मुख्य कारण कैप्सूल्स को खाली करने में देरी और 6 कैप्सूल को खाली करने की क्षमता का भी न होना है.

जब्त दस्तावेज के अनुसार जितनी गैस खरीदी उस से तीन गुना बेचा, क्या बताते है रिकार्ड्स-

तीन दिनों के गहन जांच और दस्तावेजों के अध्ययन से कालाबाज़ारी के व्यापक सबूत मिले है. दस्तावेजों के अनुसार अप्रैल माह में ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी ने कुल 47 टन गैस ही थोक में ख़रीदा था. और कागज़ों में 107 टन गैस की बिक्री कर दी गयी. 60 टन बेचा गया एलपीजी कभी ख़रीदा ही नहीं गया था. इसके अलावा थोक में और भी बिक्री का विवरण कच्चे रजिस्टर में है जिसे लेकर आपराधिक षड्यंत्रकारी आरोपी फरार है.

साक्ष्य नष्ट किये/मिटाये गए और कूटरचित दस्तावेज बनाये गए-

ठाकुर पेट्रोकेमिकल के कार्यालय से आरोपियों के द्वारा साक्ष्य और दस्तावेज़ मिटाने के प्रयास किये गए है. प्लांट के गेट पर खरीद बिक्री के सम्बन्ध में वाहनों के आवक जावक का रजिस्टर रखा जाता था. इस रजिस्टर से सभी अवैध खरीद बिक्री करने वाले गाड़ियों और एजेंसी मालिकों की पहचान हो सकती थी. इसी प्रकार कार्यालय में बिना बिल के अवैध खरीद बिक्री की एंट्री होती थी. रिकार्ड्स से सिर्फ अप्रैल महीने के बिना बिल के खरीद बिक्री का रजिस्टर गायब किया गया है. शिकायत जांच में जब आरोपियों को तलब किया गया, तो उनके द्वारा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ किया गया. अपराध में इस से सम्बंधित धाराएं लगायी गयी है.

इतनी बड़ी मात्रा में लीकेज असंभव-

कैप्सूल्स से संभव लीकेज के बारे में राष्ट्रीय स्तर के सरकारी संसथान से अनुरोध कर कार्यवाही में एक विषय विशेषज्ञ की राय ली गयी. उनकी जांच में सभी छः कैप्सूल को लीकेज फ्री पाया गया. यह भी बताया गया की किसी भी तरीके से 3 महीने में एक कैप्सूल से २० टन का लीकेज बिना किसी बड़ी घटना के असंभव है.

थाना सिंघोडा के अपराध क्रमांक 42/26 धारा 316 (3), धारा 61, 238 बीएनएस एवं 3, 7 ईसी एक्ट के साथ आईटी एक्ट के समुचित धाराएं लगायी जा रही है।

जप्ती-

01- 07 नग एलपीजी कैप्सुल टेकर।

02- 04 बुलेट 21टन क्षमता प्रत्येक किमती 09 लाख 24 हजार रूपये।

03- लेन-देन संबंधी दस्तावेज चालान एवं फाईल।

04- 80 नग कमर्शियल गैस सिलेण्डर 21 किलो क्षमता किमती 03 लाख 20 हजार रूपये।

05- 17 नग कमर्शियल गैस सिलेण्डर 33 किलो क्षमता।

06- 01 नग कमर्शियल गैस सिलेण्डर 15 किलो क्षमता।

07- 27 नग कमर्शियल गैस सिलेण्डर 21 किलो क्षमता।

08- 01 नग मोबाईल।

09- 04 नग कम्प्युटर सीपीयू।

10- 02 नग सीसीटीवी डीवीआर तथा

11- कंपनी मे माल आने-जाने का रजिस्टर।

12- कंपनी मे आने व जाने के संबंध में इनवर्ड व आउट वर्ड बिल कच्चा व पक्का रसीद।

13- कंपनी के विभिन्न दस्तावेज।

गिरफ्तार आरोपी-

01- आरोपी निखिल वैष्णव पिता तोरण दास वैष्णव उम्र 41 वर्ष पता उपर पारा अभनपुर थाना अभनपुर जिला रायपुर।




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