महासमुंद : अछोली गांव में धूल का गुबार, खस्ताहाल सड़कों से बढ़ा जान का खतरा, केवल धुम्रपान ही नहीं खराब सड़के भी कर रही फेफड़ों को खराब
महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अछोली के ग्रामीण इन दिनों उद्योग के नाम पर विनाश झेलने को मजबूर हैं। गांव के पिकाडली और आसपास संचालित पत्थर खदानों और क्रशरों ने अछोली की आबोहवा को पूरी तरह प्रदूषित कर दिया है। स्थिति यह है कि गांव की सड़कों पर अब इंसानों से ज्यादा गिट्टी-पत्थर से लदे हाईवा नजर आते हैं, जो अपने पीछे धूल का ऐसा गुबार छोड़ जाते हैं। इससे दिन में भी विजिबिलिटी कम हो जाती है।
ग्राम अछोली में करीब 30 से अधिक पत्थर खदान संचालित है। ग्रामीणों ने बताया कि रोज सुबह से लेकर देर रात तक 50 से अधिक ओवरलोड हाईवा यहां से गुजरते हैं। भारी वाहनों के दबाव से डामर की सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, अब सिर्फ नुकीले पत्थर और गहरे गड्ढे बचे हैं।
पिकाडली संचालक ने गांव के पास ही जगह-जगह पाइपलाइन के लिए खुदाई किया था सड़क पर पत्थर मिट्टी के ढेर लगा दिए हैं, जिससे मवेशियों और बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है।
ग्रामवासियों ने बताया कि गांव के पिकडिली कंपनी के भारी वाहनों ओवरलोड चलने के कारण सड़क उखड़ चुकी है। धूल के गुबार के कारण सड़क पर चलना दूभर हुआ।
प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। गांव की महिलाओं ने बताया कि घरों के आंगन से लेकर रसोई तक धूल की मोटी परत जमी रहती है। स्थानीय निवासी का कहना है कि, कपड़े सुखाते हैं तो 10 मिनट में सफेद हो जाते हैं।
छोटे बच्चों को लगातार खांसी और आंखों में जलन की शिकायत हो रही है। शासन प्रशासन से स्थानीय निवासी और तुषार साहू ने तत्काल रोड को बनाने का मांग किया!