news-details

CG : जिला पंचायत सीईओ के पैर में गिरकर आवास दिलाने रखी मांग

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रशासन के पीएम आवास के दावों की सच्चाई सामने आई है। सुशासन तिहार के मौके पर एक ऐसी मार्मिक तस्वीर निकलकर सामने आई जो राज्य में चर्चा का विषय बन गई। इस घटना के बाद प्रशासनिक संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक बुजुर्ग दंपति जिला पंचायत सीईओ के पैरों में दंडवत गिरकर पक्के मकान की मांग करने लगे। जिसके बाद मौके पर सभी हैरान रह गए।

दरअसल, मामला देवभोग विकासखंड के माडागांव का है। शनिवार को यहां सुशासन तिहार का आयोजन किया गया था। जिले के कई सीनियर अधिकारी इस आयोजन में पहुंची थी। इसी दौरान बरही गांव से आए एक बुजुर्ग कमार दंपत्ति ने अचानक जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के पैरों पर गिरकर उन्हें दंडवत प्रणाम किया। दंपत्ति ने बताया कि वह लंबे समय से पक्के मकान के लिए अधिकारियों और ऑफिसों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक आवास नहीं मिला है।

हैरान रह गए अधिकारी

यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। बुजुर्ग दंपत्ति को पीएम आवास योजना के मकान के लिए इस तरह से गिड़गिड़ाने की जानकारी मिलने के बाद लोग देखते रह गए।

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र

कमार जाति को शासन-प्रशासन राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र मानकर विशेष संरक्षण देते हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र होने के बाद भी बुजुर्ग प्रधानमंत्री आवास के लिए जमीन पर लेटकर गिड़गिड़ाने को मजबूर थे।

रोते हुए बुजुर्ग दंपत्ति ने बताया कि वे लंबे समय से पक्के मकान की आस में दफ्तरों की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। जब शिविर में जिला पंचायत सीईओ को देखा, तो उन्हें लगा कि शायद यही वह आखिरी उम्मीद है, जो उनके सिर पर छत दिलवा सकते हैं।

सीईओ ने दिया भरोसा

जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि बुजुर्ग दंपत्ति का नाम किसी भी सर्वे सूची में दर्ज नहीं है। दंपत्ति वर्ष 2009 से अपने गांव से बाहर कहीं और रह रहे थे, जिसकी वजह से पीएम आवास की पात्रता सूची या सर्वे लिस्ट में इनका नाम शामिल नहीं हो पाया। उन्होंने भरोसा दिया कि अगले सर्वे में इनका नाम प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा और इन्हें मकान दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।


अन्य सम्बंधित खबरें