CG : क्रिकेट सट्टे की लत बनी मौत की वजह, करोड़ों के कर्ज से परेशान कारोबारी ने दी जान
अंबिकापुर। क्रिकेट में सट्टा खेलवाने वाले बुकी लोगों से हर दिन लाखों-करोड़ों रुपए लगवा रहे हैं। सट्टे की लत में लोग अपना बिजनेस तक चौपट कर ले रहे हैं। कर्ज की राशि इतनी ज्यादा बढ़ जा रही है कि आत्महत्या जैसा रास्ता अपना रहे हैं। सट्टे में लाखों रुपए हार चुके युवा अब जिंदगी की जंग हार रहे हैं।
अंबिकापुर में सट्टे में भारी रकम गंवाने के बाद एक और युवा व्यवसायी ने आत्महत्या कर ली। शहर के सद्भावना चौक निवासी 43 वर्षीय आशीष गर्ग ने कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपए के कर्ज से परेशान होकर जहर खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिछले 10 दिनों के भीतर क्रिकेट सट्टे से जुड़ी आत्महत्या की यह दूसरी घटना है, जिसने शहर में चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, आशीष गर्ग सद्भावना चौक में “आशीष जनरल स्टोर्स” नाम से दुकान संचालित करता था। बताया जा रहा है कि उसे लंबे समय से क्रिकेट सट्टा खेलने की लत थी। शुरुआत में छोटे स्तर पर सट्टा खेलने वाला आशीष धीरे-धीरे बड़ी रकम दांव पर लगाने लगा। लगातार हार के कारण उस पर लाखों रुपए का कर्ज बढ़ता गया और बाद में यह रकम करीब एक करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
परिजनों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से उसका व्यापार भी ठीक नहीं चल रहा था। आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। उसने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। जब उसकी पत्नी और अन्य परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तत्काल उसे शहर के होलीक्रॉस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई।
मृतक अपने पिता से अलग पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। परिवार के लोगों का कहना है कि कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आशीष के भाई ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब उसने आत्महत्या की कोशिश की हो। इससे पहले भी वह कुएं में कूदकर जान देने की कोशिश कर चुका था। हालांकि उस समय कुआं संकरा होने के कारण वह अंदर फंस गया था और समय रहते उसे बाहर निकाल लिया गया था। उस दौरान भी उस पर लाखों रुपए का कर्ज था। परिवार ने उसकी आर्थिक मदद कर हालात संभालने की कोशिश की थी, लेकिन वह सट्टे की लत से बाहर नहीं निकल सका।