छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन एवं लगभग 30 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिली।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की,
नवनिर्मित उपकेंद्र से कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, बुधवारी, काशी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, आरपी नगर, शिवाजी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा।