ब्रेकिंग : पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भूना
इस्लामाबाद। पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हमज़ा बुरहान की POK में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। पुलवामा हमले में भारत के 40 जवान शहीद हो गये थे। रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के पुलवामा हमले के मुख्य साज़िशकर्ताओं में से एक जिसमें 40 से ज्यादा CRPF जवान शहीद हो गए थे उसे पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया है। 'डॉक्टर' के नाम से मशहूर हमजा बुरहान पर मुजफ्फराबाद में हमला हुआ था और उसके शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। पुलवामा का रहने वाला बुरहान जिसका असली नाम अर्जुमंद गुलज़ार डार है उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में आतंकवादी घोषित किया था।
हमजा बुरहान को PoK के मुजफ़्फ़राबाद के पास एक घने जंगली इलाके में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया गया है। हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं थीं जिससे कई गोलियां लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह पिछले कई सालों से PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इसी आड़ में वह आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क चला रहा था। इसका असली नाम अर्जुमंद गुलज़ार डार था। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था।
पुलवामा आतंकी हमले का एक मास्टरमाइंड मारा गया
हमजा आतंकी संगठन अल-बद्र का एक प्रमुख कमांडर था और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे नेटवर्क के साथ मिलकर काम करता था। भारत सरकार ने साल 2022 में उसे UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आधिकारिक तौर पर 'आतंकी' घोषित किया था। NIA की पुलवामा हमले की चार्जशीट में भी उसका नाम शामिल था। पुलवामा के अलावा वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी मुख्य साजिशकर्ता था।
करीब 27 वर्षीय हमजा का जन्म 1999 में हुआ था और वो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा स्थित रत्नीपोरा का रहने वाला था। वह आतंकी संगठन अल बद्र का सदस्य था और वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान गया था जहां वह इस समूह में शामिल हो गया। उसके बाद से हमजा एक सक्रिय आतंकवादी और आतंकवादी संगठन 'अल बद्र' का कमांडर बन गया था। वह पाकिस्तान से ही आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था। गृह मंत्रालय ने 2022 में बताया था कि जब से डार पाकिस्तान गया है तब से वह युवाओं को इस संगठन में शामिल होने के लिए उकसा रहा है और 'अल बद्र' की आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे मुहैया करा रहा है।
पुलवामा में CRPF के जवानों पर कराया था हमला
हमजा को पुलवामा में 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' से विस्फोटक बरामद होने के मामलों में 18 नवंबर 2020 को पुलवामा में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के जवानों पर ग्रेनेड हमले में और युवाओं को 'अल बद्र' के आतंकवादी गुट में शामिल होने के लिए उकसाने के मामलों में शामिल पाया गया था। आपको बता दें कि 14 फरवरी 2019 की सुबह सीआरपीएफ का एक बड़ा काफिला लगभग 78 गाड़ियों में 2500 से ज्यादा जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। खराब मौसम के कारण हाईवे दो दिन से बंद था इसलिए उस दिन गाड़ियों की संख्या ज्यादा थी। दोपहर करीब 3:15 बजे जब काफिला पुलवामा जिले के लेथपोरा के पास पहुंचा तो विपरीत दिशा से आई एक मारुति ईको कार जवानों की एक बस से टकरा गई।