किसानों के नाम पर खेला गया लाखों का खेल, जनसमस्या शिविर की शिकायत के बाद खुला खाद घोटाला, समिति प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज
कोरिया : विष्णु देव साय के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद कोरिया जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये के खाद घोटाले का खुलासा किया है। बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जिल्दा सहकारी समिति में जांच के दौरान 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब पाया गया, जिसकी कीमत लगभग 68 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में समिति प्रबंधक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा में जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान ग्रामीण रामप्रताप साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसानों के लिए आने वाली रासायनिक खाद को बिचौलियों के माध्यम से औने-पौने दाम में बेचा जा रहा है। शिकायत में यह भी बताया गया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी, जिससे खेती का कार्य प्रभावित हो रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 13 मई 2026 को कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने समिति के गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक दर्ज मिला, जबकि गोदाम में केवल 184.80 मीट्रिक टन खाद ही मौजूद पाई गई। इस प्रकार कुल 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब मिला।
जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि समिति को यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे उर्वरक किसानों में वितरण के लिए उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आरोप है कि इन्हें किसानों तक पहुंचाने के बजाय अवैध रूप से बिचौलियों को बेच दिया गया।
प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह को निलंबित किया गया। इसके बाद मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर कार्रवाई तेज कर दी गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बैकुण्ठपुर थाने में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गायब खाद की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।