पलारी नगर पंचायत चुनाव में सियासी संग्राम तेज, भाजपा और कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत
बालोद। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बालोद जिले के पलारी नगर पंचायत में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। एक ओर जहां छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आमसभा को संबोधित कर भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की।
नगरीय निकाय चुनाव प्रचार के तहत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पलारी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष प्रत्याशी लखन साहू और पार्षद प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क किया। इस दौरान विजय शर्मा ने पलारी को नगर पंचायत बनाए जाने को भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।
विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक कांग्रेस सरकार ने पलारी को नगर पंचायत बनाने की मांग पर ध्यान नहीं दिया, जबकि भाजपा सरकार ने जनता की जरूरत को समझते हुए यह फैसला लिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।
इधर कांग्रेस की ओर से पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी पलारी पहुंचे और कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आमसभा को संबोधित किया। ताम्रध्वज साहू ने कहा कि कांग्रेस का उम्मीदवार युवा और ऊर्जावान है, जिसे युवाओं सहित सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने भाजपा सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी है और इसका लाभ कांग्रेस को चुनाव में मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कांग्रेस लगातार बढ़त बनाती आई है और क्षेत्रीय विधायक की लोकप्रियता का फायदा भी कांग्रेस प्रत्याशी को मिलेगा।
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर सनातन संस्कृति और साधु-संतों के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धार्मिक और सामाजिक मानबिंदुओं पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को संयमित भाषा अपनाने की नसीहत भी दी।
फिलहाल पलारी नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। अब देखना होगा कि विकास के दावे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता किसे अपना समर्थन देती है।