CG : विधायक का बड़ा फैसला, VIP शादी छोड़ मुख्यमंत्री कन्या वि... - CG Sandesh

CG : विधायक का बड़ा फैसला, VIP शादी छोड़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में करेंगे विवाह, खूब हो रही चर्चा

बेमेतरा। राजनीति में जहां जनप्रतिनिधियों की शादियां अक्सर भव्य आयोजन, लग्जरी इंतजाम और वीआईपी मेहमानों के कारण सुर्खियों में रहती हैं, वहीं बेमेतरा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे छत्तीसगढ़ में नई चर्चा छेड़ दी है। बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में आम लोगों के साथ विवाह करने का फैसला लिया है।

विधायक के इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में एक अलग और सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब कोई मौजूदा विधायक सरकारी सामूहिक विवाह योजना के मंच से शादी के बंधन में बंधेगा। यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक इस निर्णय की जमकर चर्चा हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। हर साल हजारों जोड़े इस योजना के जरिए विवाह बंधन में बंधते हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि का खुद इस योजना का हिस्सा बनना बेहद अनोखा माना जा रहा है।

विधायक दीपेश साहू के करीबी लोगों का कहना है कि वे शुरू से ही सादगी और जनसरोकार की राजनीति को महत्व देते रहे हैं। उनका मानना है कि जब सरकार की योजनाएं जनता के लिए बनाई जाती हैं, तो जनप्रतिनिधियों को भी उनमें भागीदारी कर लोगों के बीच विश्वास बढ़ाना चाहिए।

इस फैसले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे “जमीन से जुड़ा कदम” बताया, तो कई इसे राजनीति में सादगी और समानता का बड़ा संदेश मान रहे हैं। युवाओं के बीच भी विधायक के इस निर्णय को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आज के दौर में जब नेताओं पर वीआईपी संस्कृति और दिखावे के आरोप लगते रहते हैं, ऐसे समय में इस तरह का कदम जनता के बीच एक अलग संदेश देता है। सामूहिक विवाह जैसे मंच पर विधायक का शामिल होना सामाजिक बराबरी और सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें उस सामूहिक विवाह समारोह पर टिक गई हैं, जहां एक तरफ आम परिवारों के जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे, वहीं दूसरी ओर एक विधायक भी उसी मंच से सात फेरे लेते नजर आएंगे। यही वजह है कि यह आयोजन अब केवल एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश बन चुका है।


अन्य सम्बंधित खबरें