बैंकिंग धोखाधड़ी के 10 हजार से ज्यादा मामले दर्ज, 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
नई दिल्ली। देश में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को लेकर रिज़र्व बैंक ने चिंताजनक आंकड़े जारी किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक और वित्तीय संस्थानों में धोखाधड़ी के कुल 10 हजार 114 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 48 हजार 21 करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी सामने आई है।
रिज़र्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण से यह सामने आया है कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इन मामलों में शामिल धनराशि पहले की तुलना में अधिक रही।
रिपोर्ट में बताया गया है कि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए रिज़र्व बैंक ने चालू वित्तीय वर्ष में साइबर जोखिम नियंत्रण को मजबूत करने के लिए “माइक्रो डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट” शुरू करने की घोषणा की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और मजबूत करने तथा ग्राहकों को साइबर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।