कोटवार पर शासकीय भूमि हड़पने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
खैरागढ़ : ग्राम जालाबांधा के ग्रामीणों ने ग्राम कोटवार ईश्वर बंजारे पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाने तथा संबंधित कोटवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कोटवार ने ग्राम पंचायत की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना गांव की निस्तार एवं चारागाह भूमि को कोटवारी सेवा भूमि के रूप में अपने नाम दर्ज करा लिया है। उनका कहना है कि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की रही है और ग्रामीणों की जरूरतों से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार विवादित भूमि किसानों के खेतों और खेत तक पहुंचने वाले रास्तों के बीच स्थित है। भूमि की घेराबंदी किए जाने से किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि वर्षों पुराने रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांव में पूर्व में एक कोटवार को 10 एकड़ सेवा भूमि आवंटित की जा चुकी है। ऐसे में वर्तमान कोटवार को दोबारा भूमि दिए जाने को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इनमें विनोद चोपड़ा, संकेत कोठारी, दीनदयाल सिन्हा, नन्दूराम, प्यारेलाल, तुषार वर्मा, महेश गुप्ता, बृजलाल, रोहित वर्मा, रामदास सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।