पिथौरा : फायनेन्स लिमिटेड के शाखा प्रबंधक पर मामला दर्ज
पिथौरा में स्थित फ्यूशन फायनेन्स लिमिटेड के शाखा प्रबंधक पर कैश बोल्ट में जमा न कर गबन कर धोखाधडी करने की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने कंपनी के एरिया मैनेजर आशुतोष सिंह की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया है, जिन्होंने पुलिस को बताया है कि फ्यूशन फायनेन्स लिमिटेड भारतीय रिज़र्व बैंक से पंजीकृत है.
कंपनी का मुख्य उद्देश्य गरीब महिलाओं को लोन उपलब्ध करना है और आरबीआई दिशा-निर्देशों के अनुसार वित्तीय सेवाओं और उत्पादों को सुविधाएँ प्रदान कराना है.
आशुतोष सिंह ने बताया कि फ्यूशन फायनेन्स पिथौरा शाखा है में वर्तमान में 05 स्टाफ है, जिसको एक एरिया मैनेजर और एक रीजनल मैनेजर के देख रेख में काम होता है.
एक फिल्ड स्टाफ का काम ब्रांच मैनेजर के द्वारा के दिए गए सेंटर लिस्ट के अनुरूप गांव में जाके सदस्यों से लोन का रिकवरी करना और लोन वितरण करना होता है जो की रिकवरी और लोन का डेटा फिल्ड स्टाफ के मोबाइल में जिस दिन की मीटिंग है, ऑनलाइन /ऑफलाइन मोबाइल में मिल जाता है. साथ ही जो मैंबर एक साथ लोन क्लोज के लिए अमाउंट देती है उनको रिसीप्ट देना रहता है.
आशुतोष सिंह ने बताया कि कार्यालय बंद होने का समय के पूर्व पुरा कलेक्शन करके ब्रांच में ब्रांच मैनेजर को जमा करता है, ब्रांच मैनेजर फिल्ड स्टाफ द्वारा मोबाइल में एंट्री रिकवरी कलेक्शन को ब्रांच मैनेजर चेक करके फिल्ड स्टाफ से कैश लेता है. अगर कोई लोन का एंट्री मिस मैच होता है, उसको वेरीफाई करता है, उस दिन का जितना कलेक्शन होता है, उसे कैश बुक में पैसे का पूर्ण विवरण एंट्री करता है और उस दिन कि पुरे कैश को, कैश बोल्ट में रख जाता है. अगर किसी सुपिरयर द्वारा आसस्मिक दौरा होता है, तो उस कैश को चेक कराया जाता है और अगले दिन बैंक में जमा किया जाता है.
लगातार तीन दिन तक जब रोहित पटेल शाखा प्रबंधक के द्वारा पैसा जमा नहीं किया गया, तो एरिया मैनेजर द्वारा पूछे जाने पर, उसके द्वारा गलत जानकारी दिया गया और यह बोला गया कि बैंक में सर्वर नहीं होने के कारण कैश जमा नहीं हुआ.
इसके अगले दिन 02 मई 2026 को शाम को 6 बजे एरिया मैनेजर और रीजनल मैनेजर को फ़ोन के माध्यम से जानकारी दिया कि कैश क्लोजिंग और आज के कलेक्शन को जो 4,09,500 रूपए को मैंने अपने स्वयं के उपयोग में ले लिया और किसी व्यक्ति को उधारी चूका दिया हू.
दुसरे दिन एरिया मैनेजर आशुतोष सिंह ब्रांच में चेक किये और पाया कि 4,09,500 रूपए कैश क्लोसिंग बैलेंस से कम पाया गया, जिसकी पुष्टि इसने सभी स्टाफ के सामने और रीजनल मैनजेर रंजित हल्दकार और सतीश रजक के सामने की.
वहीँ इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी के सांथ धोखाधड़ी करने वाले ब्रांच मैनेजर रोहित पटेल के विरुद्ध अपराध धारा 316(4)-BNS, 318(4)-BNS पंजीबध कर विवेचना में लिया है.