सांकरा : कलेक्टर जनदर्शन पहुंचा अवैध शराब का मामला, गांव को नशामुक्त बनाने की मांग
- भोकलूडीह की महिलाओं ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन, एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
गुलाबी गैंग की सदस्य तिलोत्तमा साहू, भूरीबाई, यशोदा, धनेश्वरी, निर्मला सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से गांव को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ प्रतिदिन जनजागरूकता रैली निकाल रही हैं। रैली के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों को यह गतिविधि बंद करने की समझाइश भी दी जा रही है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
समूह की महिलाओं का आरोप है कि गांव में लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा अवैध कच्ची महुआ शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। कई बार विरोध, समझाइश और शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं बदली। महिलाओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार का सबसे अधिक असर परिवारों और सामाजिक वातावरण पर पड़ रहा है।
समूह की महिलाओं के अनुसार शराब के दुष्प्रभावों का सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शाम होते ही गांव की गलियों में नशे में हुड़दंग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे महिलाओं और युवतियों का बाहर निकलना कठिन होने लगा है।
महिलाओं ने चिंता जताई कि यदि जल्द नियंत्रण नहीं हुआ तो सामाजिक माहौल और प्रभावित हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि नशे की प्रवृत्ति युवाओं के साथ बच्चों तक पहुंचने लगी है। महिलाओं ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार संपर्क और शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि उन्होंने पुलिस की समय-समय पर की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए अवैध शराब पर स्थायी नियंत्रण की मांग की।
वहीं गुलाबी गैंग के संयोजक रामप्रसाद कलेत ने कहा कि सांकरा क्षेत्र में पुलिस द्वारा अवैध महुआ शराब के कारोबार पर कुछ हद तक नियंत्रण किया गया है, लेकिन भोकलूडीह, मेमरा और बल्दीडीह जैसे गांवों में कथित अवैध शराब बिक्री पर और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग की।महिलाओं ने स्पष्ट किया कि गांव को नशामुक्त बनाने का उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।