महासमुंद : जिला पंचायत सीईओ नंदनवार ने किया विकास कार्यों का निरीक्षण
जल संरक्षण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जनसुविधाओं को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
महासमुंद,12 जून। कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने शुक्रवार को विकासखंड सरायपाली एवं बसना क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत हेमंत नंदनवार ने ग्राम पंचायत बालसी में निर्मित सामुदायिक शौचालय का अवलोकन किया। उन्होंने शौचालय की उपयोगिता, साफ-सफाई व्यवस्था एवं रख-रखाव की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि सामुदायिक परिसंपत्तियों का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका बेहतर लाभ मिल सके।
इसके पश्चात ग्राम पंचायत केंदुढार में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
ग्राम पंचायत बिरकोल में हाट बाजार एवं तालाब का निरीक्षण करते हुए श्री नंदनवार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हाट बाजारों को सुव्यवस्थित करने तथा आमजन को सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तालाब निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने कहा। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर भू-जल स्तर में सुधार लाने के लिए ग्राम स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएं। तालाबों के गहरीकरण, साफ-सफाई एवं आसपास के क्षेत्र के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत ने समुदायिक केंद्र बसना एवं सरायपाली का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं संचालित गतिविधियों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सतत निगरानी रखें। विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस दौरान संबंधित जनपद पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय अमला उपस्थित रहे।