CG : फ्रूटी पैकेट में संदिग्ध जीव मिलने से हड़कंप, पीने के बाद बच्ची की बिगड़ी तबीयत
धमतरी । जिले के ग्राम करेली बड़ी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक परिवार की 2 से 3 वर्षीय बच्ची फ्रूटी पी रही थी। बताया जा रहा है कि बच्ची द्वारा पेय पदार्थ का सेवन किए जाने के दौरान पैकेट के अंदर छिपकलीनुमा एक संदिग्ध कीट, जीव-जंतु या फंगस जैसी चीज मिली। इसे देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।परिजनों के अनुसार फ्रूटी गांव स्थित देवांगन किराना दुकान से खरीदी गई थी। पैकेट खोलने के बाद बच्ची ने कुछ मात्रा में पेय पदार्थ का सेवन भी कर लिया था। बाद में पैकेट के भीतर संदिग्ध जंतु दिखाई देने पर मामले का खुलासा हुआ।
बच्ची की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके चलते परिजन उसे तत्काल मगरलोड स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को निगरानी में रखा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्ची की स्थिति फिलहाल सामान्य है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।हालांकि घटना के बाद परिवार के सदस्यों में काफी चिंता और नाराजगी देखी गई। परिजनों ने पेय पदार्थ की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
खाद्य विभाग को सौंपी गई जांच
मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी जुटाई। चूंकि मामला खाद्य पदार्थ से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच के लिए इसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है। संबंधित अधिकारियों द्वारा फ्रूटी के पैकेट को सुरक्षित रखकर उसकी जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पैकेट में मिला जीव-जंतु उत्पादन प्रक्रिया के दौरान पहुंचा या फिर किसी अन्य कारण से उसमें मौजूद था।
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव में लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ब्रांडेड उत्पादों पर लोग भरोसा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हैं।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित कंपनी के उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
करेली बड़ी की इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पैकेज्ड खाद्य और पेय पदार्थों की नियमित जांच तथा उत्पादन इकाइयों की निगरानी बेहद जरूरी है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।