बसना : डेढ़ माह बाद फिर गूंजेंगी किलकारियां, 16 जून से खुलेंगे स्कूल, शाला प्रवेश उत्सव 2026 से नए सत्र का होगा भव्य आगाज
गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद आज से स्कूल परिसर फिर से बच्चों की चहल-पहल, किलकारियों और सीखने की नई ऊर्जा से गुलजार होने जा रहे हैं। लगभग डेढ़ माह के अंतराल के बाद 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत होगी।
बसना विकासखंड के शासकीय और निजी विद्यालयों में आयोजित होने वाला शाला प्रवेश उत्सव 2026 केवल औपचारिक शुरुआत नहीं बल्कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का उत्सव बनेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड के कुल 398 विद्यालयों में प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इनमें 356 शासकीय, 02 अनुदान प्राप्त, 38 निजी तथा 02 मदरसा विद्यालय शामिल हैं। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर तक विद्यालयों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखने वाले कक्षा पहली, छठवीं और नवमीं के विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। बच्चों को प्रवेश के साथ राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, अभ्यास पुस्तिकाएं, गणवेश, पात्र विद्यार्थियों को सरस्वती सायकल, छात्रवृत्ति तथा मध्यान्ह भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य शासन के निर्देशानुसार इस बार विद्यालयों में प्रतिदिन दो चरणों में प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। सुबह 10 बजे होने वाली सभा में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, सरस्वती वंदना, दीप मंत्र एवं गुरु मंत्र का वाचन होगा।
साथ ही विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्र और प्रदेश के महापुरुषों के योगदान का स्मरण किया जाएगा। वहीं दोपहर 3.50 बजे छुट्टी पूर्व आयोजित सभा में राजकीय गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र के साथ दिनभर के शाला संचालन का समापन किया जाएगा। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बद्रीविशाल जोल्हे और विकासखण्ड संकुल स्त्रोत समन्वयक अनिल नाग ने बताया कि शाला प्रवेश उत्सव को इस वर्ष उत्सवमय और जनभागीदारी आधारित स्वरूप दिया गया है।
सभी विद्यालयों को समयपूर्व साफ-सफाई, पेयजल, बैठक व्यवस्था, पाठ्यपुस्तक वितरण और नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को विद्यालय से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। शिक्षा विभाग ने इस वर्ष शत-प्रतिशत नामांकन और शून्य ड्रॉप-आउट का लक्ष्य तय किया है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से समन्वय कर कक्षा पहली के लिए बच्चों की सूची के आधार पर सीधे प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
वहीं कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को टीसी के आधार पर सीधे छठवीं में तथा कक्षा नवमीं के लिए कैचमेंट क्षेत्र के मिडिल स्कूलों से समन्वय कर प्रवेश सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रवेश उत्सव को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए पालकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा में रुचि रखने वाले नागरिकों के सहयोग से विद्यालयों में न्योता भोज आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूल का पहला दिन बच्चों के लिए यादगार, उत्साहपूर्ण और बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति अपनापन पैदा करने वाला बन सके।
सेजेस भूकेल के प्राचार्य चक्रधर पटेल ने बताया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, भूकेल हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम में 16 जून को सुबह 9 बजे शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा।