महासमुंद : हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच हम सभी की जिम्मेदारी - कलेक्टर लंगेह
कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि मध्याह्न भोजन योजना का लाभ सभी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचे तथा गणवेश वितरण की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए। उन्होंने शाला विकास समिति एवं पालकों से विद्यालय की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने का आग्रह भी किया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल और टीवी के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा अध्ययन एवं खेलकूद पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने विद्यालयों को समय पर संचालित करने, नियमित मध्यान्ह भोजन वितरण एवं निःशुल्क गणवेश उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जिला स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष ऐतराम साहू ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास का संचार करता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे सत्र के पहले दिन से ही अध्ययन प्रारंभ कर सकें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संदीप दीवान ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें तथा मोबाइल एवं अन्य गैजेट्स का सीमित उपयोग करें।
वहीं डीएमसी रेखराज शर्मा ने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप सभी गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पालकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें ताकि जिले में ड्रॉपआउट दर को शून्य किया जा सके। जिले के सभी विकासखंडों में शाला प्रवेशोत्सव के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया, जिससे विद्यालयों में उत्साह और उमंग का वातावरण रहा।
प्राथमिक शाला भलेसर प्रवेशोत्सव में सरपंच श्री सेवा राम कुर्रे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, भोपाल बंजारा, एपीसी संपा बोस, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी तारिका कुंजाम, हीना धालेन तथा बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, सीएसी ए. चन्द्रशेखर डोरा, शिक्षक दुर्गा यादव, एसएमसी सदस्य, पालकगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।