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बसना : 4.48 करोड़ के नालंदा परिसर निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच में सरिया और फुटिंग कार्य में दिखीं तकनीकी खामियां

शिक्षा के क्षेत्र में बसना को नई पहचान देने और युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4.48 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 250 सीटर हाईटेक नालंदा परिसर निर्माण कार्य को लेकर उठी शिकायत के बाद मामला अब तकनीकी जांच के दायरे में पहुंच गया है। 

निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, तकनीकी मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के आरोपों पर मुख्य अभियंता के निर्देश के बाद जांच टीम मौके पर पहुंची, जहां प्रारंभिक निरीक्षण में कुछ निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात सामने आई है। 

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद मनोज गहेरवाल ने 16 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुख्य अभियंता तथा कलेक्टर महासमुंद को लिखित शिकायत भेजकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की थी। शिकायत में नींव फुटिंग निर्माण, सरिया उपयोग, कंक्रीट गुणवत्ता तथा कथित रूप से गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। 

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगरीय निकाय की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट टीम को जांच के लिए भेजा गया। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर नगर पंचायत उपाध्यक्ष शीत गुप्ता, शिकायतकर्ता पार्षद मनोज गहेरवाल, नगर पंचायत के इंजीनियर सुरेश गुप्ता तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण के विभिन्न हिस्सों का तकनीकी परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुसार 12 एमएम सरिया लगाए जाने थे, वहां 10 एमएम सरिया उपयोग में किया जाना पाया।

इसके अलावा कुछ कॉलमों की फुटिंग में लंबाई और चौड़ाई भी निर्धारित मापदंडों से कम पाए जाने की जानकारी सामने आई। निरीक्षण के दौरान जांच टीम ने साइट इंजीनियर से कंक्रीट निर्माण में उपयोग किए जा रहे सीमेंट, रेत और गिट्टी के अनुपात मिक्स रेशियो के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन मौके पर स्पष्ट तकनीकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। 

इसके बाद टीम ने निर्माण एजेंसी और साइट इंजीनियर को शटरिंग, कंक्रीटिंग तथा फुटिंग निर्माण के दौरान लंबाई, चौड़ाई और मोटाई से जुड़े तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जांच दल ने बताया कि मुख्य अभियंता के निर्देश पर प्रारंभिक निरीक्षण किया गया है तथा विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत किया जाएगा। 

टीम के अनुसार कंक्रीट और सरिया गुणवत्ता संबंधी कुछ परीक्षण तत्काल संभव नहीं हैं, क्योंकि निर्माण कार्य अभी ताजा अवस्था में है। इसके लिए 6 से 7 दिन बाद तकनीकी गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि शिकायतकर्ता पार्षद मनोज गहेरवाल जांच प्रक्रिया से संतुष्ट नजर नहीं आए। 

उनका कहना है कि शिकायत के साथ पहले ही फुटिंग संबंधी फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन निरीक्षण से पहले कई कॉलमों के आसपास मिट्टी भरने का प्रयास किया गया। 

उन्होंने मांग की कि केवल एक-दो कॉलम नहीं, बल्कि सभी निर्मित फुटिंगों की खुदाई कर व्यापक तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप नहीं किया जा रहा और गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। 

वहीं नगर पंचायत उपाध्यक्ष शीत गुप्ता ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार अविनाश विलकॉम द्वारा बसना में गौरवपथ निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं किया गया है, जबकि कई स्थानों पर सड़क उखड़ने और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। 

उनका कहना था कि इतनी महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजनाओं में उपठेका प्रणाली के माध्यम से कार्य कराना गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों को प्रभावित करता है तथा जिस एजेंसी को कार्य स्वीकृत हुआ है, उसी को सीधे निर्माण कार्य करना चाहिए। 

उपाध्यक्ष शीत गुप्ता ने कहा कि यदि तकनीकी जांच में नालंदा परिसर निर्माण में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या गुणवत्ताहीन निर्माण प्रमाणित होता है तो शासन को संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार करना चाहिए। अब सभी की नजर जांच प्रतिवेदन पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि बसना के युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण तय तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ है या गुणवत्ता से समझौता किया गया है।


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गौरीशंकर मानिकपुरी

गौरीशंकर मानिकपुरी स्नातक की पढ़ाई के बाद, मीडिया के क्षेत्र में आज उन्हें क्षेत्रीय और जमीनी पत्रकारिता का 7 वर्षों का लंबा और गहरा अनुभव है। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से सटीक 'आंचलिक खबरें' निकालना और आम जनता के हक की आवाज़ को बेबाकी से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। निष्पक्ष और खोजी रिपोर्टिंग के जरिए वे लगातार पाठकों तक ग्राउंड ज़ीरो का सच पहुंचा रहे हैं। संपर्क: +91 7746859354
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