कोरबा : रेत भरे ट्रैक्टरों के थमे चक्के, रेत घाटों पर डटे खनिज विभाग के अधिकारी
कोरबा : जिले में रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। प्रमुख रेत घाटों पर खनिज विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है, जिसके चलते शुक्रवार को शहर में रेत से भरे ट्रैक्टर और मिनी ट्रक सामान्य दिनों की तुलना में नजर नहीं आए।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार उठाई जा रही शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। जिले के सीतामढ़ी क्षेत्र के समीप बहने वाली हसदेव नदी को अवैध रेत उत्खनन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां खनिज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी निगरानी करते हुए दिखाई दिए।
प्रशासन की सख्ती का असर यह रहा कि रेत का परिवहन करने वाले कई वाहन सड़कों से गायब रहे। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई तभी प्रभावी मानी जाएगी जब इसे लगातार जारी रखा जाएगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है। हाल के वर्षों में रेत माफियाओं से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। कोरिया जिले में रेत तस्करी से जुड़े एक मामले में तीन लोगों को जिंदा जलाने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इसके बाद सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ सख्ती के संकेत दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त निगरानी से अवैध रेत कारोबार पर अस्थायी विराम लगा है, लेकिन यह देखना होगा कि प्रशासन की यह कार्रवाई कितने समय तक प्रभावी बनी रहती है।