बसना : सेजेस पिरदा के प्राचार्य पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन क... - CG Sandesh

बसना : सेजेस पिरदा के प्राचार्य पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोपों पर प्रशासन मौन, अब शिक्षा मंत्री–सचिव तक पहुंची शिकायत

पिथौरा विकासखंड के स्वामी आत्मानंद हिंदी व अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेजेस पिरदा में प्राचार्य पर लगे वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन के आरोप अब केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रह गए हैं। दो अलग-अलग जांच प्रतिवेदनों में गंभीर खामियां सामने आने, कार्रवाई की अनुशंसा होने और जनप्रतिनिधि द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बावजूद महीनों बाद भी कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं। 

अब शिकायतकर्ता पक्ष ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और शिक्षा सचिव से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है। मामले की शुरुआत 10 नवंबर 2025 को हुई जब शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष इन्दल बरिहा ने प्राचार्य तरुण पटेल के खिलाफ महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। 

शिकायत में आरोप लगाया गया कि विद्यालय विकास के लिए प्राप्त शासकीय राशि का फर्जी बिलों के जरिए उपयोग दिखाया गया, जबकि वास्तविक खर्च और अभिलेखों में भारी अंतर है। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के आय-व्यय दस्तावेजों में पारदर्शिता नहीं होने और बैठकों में स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया कि अंग्रेजी विषय के शिक्षक होने के बावजूद प्राचार्य नियमित शिक्षण कार्य नहीं करते, जबकि सहायक कर्मचारियों से कक्षाएं संचालित कराई जा रही हैं। विद्यालय में नए फर्नीचर की खरीदी के बाद पुराने फर्नीचर का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना, प्रयोगशाला सामग्री गायब होना तथा वर्षों से भौतिक सत्यापन नहीं होना भी गंभीर प्रश्नों के रूप में सामने आया। 

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित जांच दल ने 21 एवं 26 नवंबर 2025 को विद्यालय पहुंचकर जांच की। प्रतिवेदन में दर्ज किया गया कि प्राचार्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। स्टॉक पंजी और वास्तविक सामग्री में अंतर मिला। 

विज्ञान प्रयोगशाला सहित अन्य सामग्री का रिकॉर्ड अधूरा पाया गया। पुराने कम्प्यूटर एवं फर्नीचर की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में यह भी सामने आया कि आय-व्यय पत्रक और व्हाउचर पंजी में पर्याप्त अंतर है, कैशबुक में संबंधित फर्मों का उल्लेख नहीं है तथा राशि का स्वयं भुगतान किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में पाया गया। जांच दल ने स्पष्ट रूप से उचित कार्रवाई की अनुशंसा की।

इसके बाद पुनः 11 मई 2026 को दोबारा भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान ऐसे कम्प्यूटर और प्रिंटर दिखाए गए जो पहली जांच में प्रस्तुत नहीं किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि सामग्री उपयोग योग्य स्थिति में नहीं थी और व्यवस्थापन में लापरवाही बरती गई। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने 21 दिसंबर 2025 को कलेक्टर महासमुंद को पत्र लिखकर उल्लेख किया कि जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं तथा प्राचार्य के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से शाला प्रबंधन समिति, पालकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। 

अब शिकायतकर्ता इन्दल बरिहा ने पूरा मामला स्कूल शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के समक्ष रख दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि और कार्रवाई की अनुशंसा हो चुकी है, तो आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?


author

गौरीशंकर मानिकपुरी

गौरीशंकर मानिकपुरी स्नातक की पढ़ाई के बाद, मीडिया के क्षेत्र में आज उन्हें क्षेत्रीय और जमीनी पत्रकारिता का 7 वर्षों का लंबा और गहरा अनुभव है। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से सटीक 'आंचलिक खबरें' निकालना और आम जनता के हक की आवाज़ को बेबाकी से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। निष्पक्ष और खोजी रिपोर्टिंग के जरिए वे लगातार पाठकों तक ग्राउंड ज़ीरो का सच पहुंचा रहे हैं। संपर्क: +91 7746859354
अन्य सम्बंधित खबरें