ना कोच, ना सुविधाएं, ना खेल अकादमी यूट्यूब बना गुरु और बसना के राहुल ने जीत लिए 6 स्वर्ण
16 साल में शौक से शुरू हुआ सफर, 20 की उम्र में राष्ट्रीय मंच पर चमके, अब सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक
बड़े सपने देखने के लिए बड़े शहर नहीं, बड़ा हौसला चाहिए बसना नगर के 20 वर्षीय युवा जयनारायण अग्रवाल उर्फ राहुल ने अपनी मेहनत और जुनून से यह साबित कर दिया है। जिस खेल को उन्होंने महज 16 वर्ष की उम्र में मोबाइल पर यूट्यूब और इंस्टाग्राम देखकर सीखना शुरू किया था, आज उसी पावरलिफ्टिंग में राष्ट्रीय स्तर पर छह स्वर्ण पदक जीतकर नई पहचान बना ली है। सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे नगर से आई है जहां इस खेल के लिए न कोई प्रशिक्षक उपलब्ध था, न विशेष सुविधाएं और न ही आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था।
सीमित संसाधनों के बीच राहुल ने अपने सपनों को रुकने नहीं दिया और अब उनकी नजर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीतने पर है। रायपुर में 12 से 14 जून तक आयोजित मिनी इंडिया पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में राहुल ने 120 प्लस किलोग्राम जूनियर वर्ग में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उन्होंने कुल 452.5 किलोग्राम वजन उठाकर छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट लोडर एंड कैचर सम्मान भी प्रदान किया गया। राहुल बताते हैं कि शुरुआत आसान नहीं थी।
बसना में इस खेल के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया को सीखने का माध्यम बनाया। यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर खिलाड़ियों के वीडियो देखकर तकनीक समझी और स्वयं अभ्यास शुरू किया।धीरे-धीरे उनका यह शौक लक्ष्य में बदल गया।
उनकी मेहनत को पहली बड़ी पहचान दिसंबर 2024 में मिली, जब उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पेंड्रा बिलासपुर में अपना पहला पदक जीता। इसके बाद राहुल लगातार आगे बढ़ते गए। आज उनके नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 26 पदक दर्ज हैं, जिनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। वर्तमान में बी.कॉम अंतिम वर्ष के छात्र राहुल अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सुनील कंसल माता नूतन कंसल और परिवार के विश्वास और नियमित अभ्यास को देते हैं।
उनका मानना है कि संसाधनों से ज्यादा जरूरी व्यक्ति का संकल्प होता है। युवाओं को संदेश देते हुए राहुल ने कहा कि परिस्थितियां कभी सफलता तय नहीं करतीं, मेहनत और अनुशासन तय करते हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो मोबाइल समय बिताने का नहीं, भविष्य बनाने का माध्यम भी बन सकता है।
अब उनका लक्ष्य और बड़ा है। राहुल चाहते हैं कि आने वाले समय में वे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसे राष्ट्रमंडल, एशियाई और ओलंपिक खेलो में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीतें।
इसके लिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि छोटे शहरों के उभरते हुए खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए ताकि वह आगे जाकर अपने देश का नाम रोशन कर सके।
रायपुर की इस सफलता के बाद अब राहुल आगामी 24 से 26 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपने अगले लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। राहुल की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। महासमुंद सांसद रुपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. खुशबू अग्रवाल, उपाध्यक्ष शीत गुप्ता, संजय तायल, गौरीशंकर मानिकपुरी, मनहरण सोनवानी सहित नगर के अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।