बेटीयां अपना लक्ष्य तय करें, अधिकार जानें और शिक्षा से अपनी पहचान बनाएं- मनजीत सिंह
शिक्षित और जागरूक बेटियां ही सशक्त समाज की आधारशिला होती हैं। इसी उद्देश्य को लेकर बसना विकासखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बंसुला में व्यवहार न्यायालय बसना द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में बालिकाओं को विधिक अधिकारों, महिला सुरक्षा, शिक्षा के महत्व और जीवन में लक्ष्य निर्धारण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायाधीश मनजीत सिंह और विद्यालय की अधीक्षिका गीतांजलि नाग द्वारा मां सरस्वती एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश मनजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।
लक्ष्य तय करने के बाद पूरे समर्पण और एकाग्रता के साथ उस दिशा में आगे बढ़ना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य को लेकर मन में किसी प्रकार का संशय न रखें और ऐसा उद्देश्य चुनें जो भविष्य में सकारात्मक और दूरगामी परिणाम दे।
उन्होंने बालिकाओं को संविधान में दिए गए अधिकारों, कर्तव्यों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि कानून की जानकारी व्यक्ति को आत्मविश्वासी और जागरूक बनाती है। विशेष रूप से नई बालिकाओं को महिला अधिकार, बाल संरक्षण, शिक्षा के अधिकार तथा गुड टच–बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी गई।
न्यायाधीश ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बालिका का अधिकार है और आत्मनिर्भर बनने का सबसे प्रभावी माध्यम भी। जब बेटियां शिक्षित होंगी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी, तभी वे समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और कई बालिकाओं ने भविष्य में न्यायाधीश एवं वकील बनने की इच्छा व्यक्त की। न्यायिक अधिकारियों ने भी छात्राओं से संवाद कर प्रसन्नता जताई तथा भविष्य में पुनः ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका सविता सिंह, किरण मलिक, संतोषी साहू एवं राम साहू उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।