तीन साल से अतिक्रमण हटाने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
महासमुंद : जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुसमी में शासकीय चारागाह और घास भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने मकान और बाड़ी बनाकर कब्जा कर लिया है, जिससे मवेशियों के लिए चराई की समस्या उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों को नौ बार शिकायत की जा चुकी है। इसके अलावा सुशासन तिहार और अन्य जनसमस्या शिविरों में भी आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने राजस्व विभाग से मौके पर जांच कर शासकीय चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और सार्वजनिक उपयोग की इस भूमि को सुरक्षित रखने की मांग की है।