सुकमा में भारतीय किसान यूनियन की बैठक, सरकार की कृषि नीतियों और खाद वितरण व्यवस्था पर उठाए सवाल
सुकमा : जिले के सर्व आदिवासी समाज भवन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार की कृषि, खाद वितरण और पर्यावरण संबंधी नीतियों पर सवाल उठाए गए। साथ ही किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संगठन के प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति, प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, बीजापुर जिलाध्यक्ष साम्बय्या धंनूर सहित जिले के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
बैठक के दौरान खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता, खाद की कथित कालाबाजारी, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण, वनोपज का उचित मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण परिवहन जैसी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान खाद वितरण व्यवस्था के कारण छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और किसानों के अधिकारों को लेकर गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। संगठन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।