CG : बैंक विवाद सुलझा, कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के अधीन रायपुर स्थित क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के सुलह प्रयासों से छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े औद्योगिक विवाद का समाधान हो गया है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच त्रिपक्षीय समझौता होने के बाद प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली गई। इस समझौते से बैंक के लगभग 2,610 कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सुलह वार्ता के बाद हुआ त्रिपक्षीय समझौता
यह विवाद अखिल भारतीय क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ (एआईआरआरबीईए), छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा 29 जून 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा के बाद उत्पन्न हुआ था। क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), रायपुर की पहल पर लंबी सुलह वार्ता के बाद बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक सहमति बनी। इसके बाद औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 53(3) के तहत त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और हड़ताल वापस ले ली गई।
15 करोड़ रुपए का लाभ, 1.29 करोड़ रुपए का नुकसान टला
सुलह प्रक्रिया 22 जून 2026 को सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम 8:30 बजे संपन्न हुई। इस समझौते से लगभग 15 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ का अनुमान है। साथ ही, समय पर समाधान होने से प्रस्तावित हड़ताल के कारण होने वाले करीब 1.29 करोड़ रुपए के एक दिन के संभावित वित्तीय नुकसान को भी टाल दिया गया।
प्रबंधन ने सुधारात्मक कदम उठाने का दिया आश्वासन
समझौता वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक (प्रशासन) और मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) ने प्रबंधन का प्रतिनिधित्व किया। बातचीत के दौरान प्रबंधन को श्रम कानूनों के तहत समय पर वेतन भुगतान, कार्य के घंटे और अन्य वैधानिक प्रावधानों के पालन के संबंध में जागरूक किया गया। कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और प्रभावी अनुपालन व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। बैंक प्रबंधन ने आवश्यक सुधारात्मक कदम लागू करने का आश्वासन दिया।
सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को मिला बढ़ावा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन की प्रभावी सुलह प्रक्रिया का परिणाम है। इससे श्रमिकों और नियोक्ताओं के हितों की रक्षा, सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने तथा निर्बाध सार्वजनिक सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।