पर्सनल लोन के नाम पर 43 शिक्षकों से करोड़ों की ठगी, अंतरजिला गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार
कोंडागांव पुलिस ने पर्सनल लोन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने जिले के 43 शिक्षकों को मल्टीपल बैंक पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी जांच और लगातार कार्रवाई के बाद आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी क्षेत्र के शिक्षकों को अलग-अलग बैंकों से एक साथ कई पर्सनल लोन स्वीकृत कराने का लालच दिया गया। आरोपियों ने लोन की कुल राशि में से लगभग 40 प्रतिशत रकम शिक्षकों को दी, जबकि शेष 60 प्रतिशत अपने और अपने सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों से ऋण स्वीकृत कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने तीन महीने तक बैंक खातों, दस्तावेजों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके बाद विभिन्न जिलों में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस धोखाधड़ी में किसी बैंक कर्मचारी या लोन एजेंट की भूमिका तो नहीं रही। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश और जांच जारी है।