जॉइनिंग के नाम पर 35 हजार वसूले, नए सदस्य जोड़ने बनाया जाता था दबाव, 300 युवक-युवतियां जाल से मुक्त
वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने 'साइबर वज्र' अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड स्कीम चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन और लग्जरी वाहन बरामद किए हैं।
जांच में पता चला कि आरोपी 'महादेव इंटरप्राइजेज' और 'रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से फर्जी कंपनियां संचालित कर बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को 25 हजार रुपये मासिक नौकरी का झांसा देकर वाराणसी बुलाते थे। इसके बाद जॉइनिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये वसूलकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था और नए सदस्य जोड़ने का दबाव बनाया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 300 प्रशिक्षु युवक-युवतियों को इस जाल से मुक्त कराया। पुलिस ने लोगों से नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार की फीस मांगने वाली कंपनियों से सतर्क रहने और साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराने की अपील की है। कमिश्नरेट वाराणसी में 'साइबर वज्र' अभियान के तहत अब तक 8 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 28 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस संबंध में डीसीपी वरुणा जोन वाराणसी नीतू कादयान ने विस्तृत जानकारी दी।