खैरागढ़ में करोड़ों की नहर पहली बारिश में उखड़ी, कंक्रीट के नीचे पॉलीथिन आने से निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
खैरागढ़ : किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित लमानिन बांध से देवारीभाठ तक की नहर पहली ही बारिश में निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। जुरलाकला-उदरीनवागांव से देवारीभाठ तक बनी नहर के कई हिस्सों में कंक्रीट उखड़ गई है, जिससे नीचे बिछाई गई काली पॉलीथिन बाहर दिखाई देने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी नहर को नुकसान पहुंचा था, लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय केवल मरम्मत कर मामला शांत कर दिया गया। इस बार हुई बारिश के बाद फिर से नहर क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
किसानों के पहुंच मार्ग भी बह गए
नहर के किनारे किसानों की आवाजाही के लिए बनाए गए पहुंच मार्ग भी बारिश में बह गए हैं। दपका के पास अमलही से भरकनहा खार जाने वाला मार्ग कट जाने से करीब 200 एकड़ कृषि भूमि तक ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनों की पहुंच बाधित हो गई है। किसानों का कहना है कि रास्ता टूट जाने के कारण उन्हें मजबूरी में बैलों के सहारे खेती करनी पड़ रही है, जिससे खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।
तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नहर निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया और मुरूम भराव सहित अन्य आवश्यक निर्माण प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि यदि गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया गया होता तो पहली ही बारिश में नहर और पहुंच मार्ग क्षतिग्रस्त नहीं होते।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।