दुर्ग में अतिथि शिक्षकों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग पर अड़े
दुर्ग : नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर विद्या मितान एवं अतिथि शिक्षकों का आंदोलन लगातार 21वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री के कार्यालय सेवा सदन के बाहर पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई। महिलाओं और छोटे बच्चों की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रातभर हुई बारिश, मच्छरों के प्रकोप और सांप-बिच्छुओं जैसे जहरीले जीवों के खतरे के बावजूद शिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे। वनांचल क्षेत्रों से आए कई शिक्षक और शिक्षिकाएं पूरी रात भजन-कीर्तन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराते रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाले करीब 20 हजार रुपये मानदेय में बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि सरकार नियमितीकरण और समान वेतन को लेकर ठोस निर्णय ले, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों को स्थायी रोजगार और सम्मानजनक वेतन मिल सके।
इस बीच जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन शिक्षक नेताओं ने साफ कर दिया कि केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
धरने के कारण सेवा सदन के आसपास मुख्य सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। आंदोलन लगातार 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल समाधान की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है।