दुर्ग नगर निगम में करोड़ों की सफाई सामग्री बदहाल, खुले में पड़े नए ठेले-रिक्शे और वाहन जंग खा रहे
दुर्ग नगर पालिका निगम में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए हाथ ठेले, रिक्शे और आधुनिक सफाई वाहन रखरखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में पड़े हैं। निगम के फिल्टर प्लांट परिसर में खुले आसमान के नीचे रखे गए ये उपकरण और वाहन बारिश व धूप की मार झेलते हुए जंग खा रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति के संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिसर में कई नए हाथ ठेले ऐसे भी दिखाई दिए, जिनका अब तक उपयोग नहीं किया गया है। लंबे समय से खुले में पड़े रहने के कारण उन पर जंग लगने लगी है। कई स्थानों पर झाड़ियां उग आई हैं, जबकि कुछ वाहनों के टायर और अन्य पुर्जे भी गायब नजर आए। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई सामग्री के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस बीच नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल ने दावा किया कि सफाई उपकरणों और वाहनों के रखरखाव तथा सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि, मौके की स्थिति इन दावों से अलग तस्वीर पेश करती नजर आई।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जिन वाहनों और उपकरणों का उपयोग नहीं हो रहा, उनके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है। वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि समय रहते इनका उपयोग और रखरखाव नहीं किया गया तो करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति बेकार हो सकती है।
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और रखरखाव में कथित लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय की जाती है या नहीं।