राजनांदगांव: नवजात की मौत के मामले में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंका
राजनांदगांव जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में नवजात की मौत के मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल के सामने बारिश के बीच स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बताया गया कि 20 जुलाई की रात करीब तीन बजे शहर के समीप टोलागांव निवासी गर्भवती कविता मांडवी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि रक्त जांच की रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण ऑपरेशन में देरी हुई और गर्भ में पल रही नवजात बच्ची की मौत हो गई।
इस घटना के विरोध में युवा कांग्रेस ने लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, लैब टेक्नीशियन और संबंधित स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। पूर्व पार्षद एवं युवा कांग्रेस नेता ऋषि शास्त्री ने आरोप लगाया कि बच्चा गर्भ में स्वस्थ था, लेकिन ब्लड जांच रिपोर्ट 12 से 14 घंटे तक नहीं मिलने के कारण समय पर ऑपरेशन नहीं हो सका। उनका दावा है कि यदि रिपोर्ट समय पर मिल जाती तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी।
उत्तर ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सोनी ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रताप ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर लैब के दो टेक्नीशियन को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि रात करीब तीन बजे रक्त का नमूना जांच के लिए दिया गया था, लेकिन रिपोर्ट दोपहर में मिली, जबकि सामान्यतः रिपोर्ट दो घंटे के भीतर उपलब्ध हो जानी चाहिए थी।
सिविल सर्जन ने यह भी स्वीकार किया कि चिकित्सकीय स्तर पर भी चूक सामने आई है। उनके अनुसार, रिपोर्ट में देरी होने के बावजूद चिकित्सकों ने लैब से संपर्क कर रिपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) द्वारा जांच समिति गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.