उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, जंगल पर कब्जे की कोशिश नाकाम; 7 आरोपी गिरफ्तार
नगरी : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती करने की कोशिश का वन विभाग ने खुलासा किया है। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर धमतरी जिला जेल भेज दिया गया।
वन विभाग के अनुसार, 15 जुलाई को क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान रिसगांव परिक्षेत्र के गाताबाहरा के पास 4.129 हेक्टेयर आरक्षित वनभूमि पर अवैध रूप से जुताई कर मक्का की फसल बोई गई थी। जांच में पता चला कि कब्जे की नीयत से 132 हरे-भरे साल, बीजा और अन्य प्रजातियों के पेड़ों की गर्डलिंग (बधियाकरण) की गई थी। इस तकनीक के जरिए पेड़ों की छाल हटाकर उन्हें धीरे-धीरे सुखाया जाता है, ताकि बाद में जमीन पर खेती की जा सके।
जांच के बाद ग्राम गाताबाहरा के सात लोगों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को 20 जुलाई को नगरी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर धमतरी जिला जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि यह पूरा इलाका टाइगर रिजर्व का कोर एरिया है, जहां अतिक्रमण, खेती और पेड़ों की कटाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिए गंभीर खतरा हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण और वन क्षति करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।