प्रतापपुर: आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत बिना कराए ₹1.10 लाख की निकासी का आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग
प्रतापपुर : जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत दवनकरा में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत के नाम पर ₹1 लाख 10 हजार की राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर भवन में किसी प्रकार का मरम्मत या रखरखाव कार्य दिखाई नहीं देता। इस मामले ने पंचायत में वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका को जन्म दिया है।
ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि जिस भवन की मरम्मत के नाम पर सरकारी राशि खर्च होना दर्शाया गया है, वहां आज भी दीवारें, फर्श, छत और अन्य हिस्से पहले जैसी स्थिति में हैं। उनका दावा है कि अब तक ऐसा कोई कार्य नहीं कराया गया, जिससे यह प्रतीत हो कि भवन पर ₹1.10 लाख की राशि खर्च की गई है।
यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी अभिलेखों में कथित रूप से फर्जी कार्य दर्शाकर भुगतान निकालने जैसी गंभीर अनियमितता का संकेत भी माना जा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान कैसे किया गया, किस आधार पर माप पुस्तिका (एमबी), बिल और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए तथा भुगतान की स्वीकृति किस स्तर पर दी गई।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित सरपंच, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा सरकारी धन की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।