बारिश में सड़ रहीं सरस्वती साइकिल योजना की साइकिलें, अधिकारियों की लापरवाही से लाखों की सरकारी संपत्ति पर संकट
एमसीबी/खड़गवां : छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना एमसीबी जिले में अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जिन नई साइकिलों का वितरण छात्राओं को किया जाना था, वे महीनों से खुले आसमान के नीचे बारिश और कीचड़ में पड़ी हुई हैं। इससे लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, पीएम श्री एकलव्य आवासीय विद्यालय परिसर में करीब 50 नई साइकिलें लंबे समय से खुले मैदान में रखी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश और नमी के कारण साइकिलों के हैंडल, चेन, रिम और अन्य लोहे के हिस्सों पर जंग लगना शुरू हो गया है। इतना ही नहीं, साइकिलों के ऊपर अन्य सामान भी रख दिया गया है, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका और बढ़ गई है।
वहीं, जिन छात्राओं को समय पर साइकिल मिलनी चाहिए थी, वे अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि साइकिलों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसकी थी और यदि ये पूरी तरह खराब हो जाती हैं तो इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।
इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी रामा निवास मिश्रा ने बताया कि परिसर में रखी साइकिलें पिछले सत्र की हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र की करीब 700 साइकिलें भी आ चुकी हैं, जिन्हें फिलहाल परिसर में ही रखा गया है। उनका कहना है कि जिन साइकिलों में खराबी आई है, उनकी मरम्मत कराकर छात्राओं को वितरित किया जाएगा।
हालांकि, इस जवाब के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जब विभाग को पहले से बारिश के मौसम की जानकारी थी, तब साइकिलों को सुरक्षित गोदाम या शेड में रखने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या पहले सरकारी संपत्ति को नुकसान होने दिया जाएगा और फिर उसकी मरम्मत पर सरकारी धन खर्च किया जाएगा?
फिलहाल बारिश में पड़ी साइकिलों की तस्वीरें शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या यह मामला भी जांच और फाइलों तक सीमित रह जाता है।