संसद से पारित हुआ 'वंदे मातरम्' को वैधानिक संरक्षण देने वाला विधेयक, राष्ट्रगान के समान मिलेगा कानूनी संरक्षण
नई दिल्ली : संसद ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इस संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान वैधानिक संरक्षण प्राप्त होगा। यह संशोधन राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में किया गया है।
विधेयक के तहत वंदे मातरम् के अपमान से जुड़े अपराधों के लिए तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह केवल एक विधायी संशोधन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय पहचान और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को सम्मान देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की आवाज है और यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत रहा है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद के. कनिमोझी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह देश के लोगों को विभाजित करने वाला कदम है।
वहीं, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय समारोह मना रही है और यह विधेयक राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 'जन गण मन' और 'वंदे मातरम्' दोनों को समान सम्मान देने की बात कही थी।
विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।