बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान का विरोध तेज, महिलाओं के आंदोलन में पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर भी शामिल
कोरबा शहर के प्रवेश द्वार बरबसपुर में प्रस्तावित नई शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने शराब दुकान नहीं खोलने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। आंदोलन में पूर्व विधायक एवं पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर भी शामिल हुए और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि यदि क्षेत्र में शराब दुकान खुलती है तो घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ेंगी और महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग ने कोरबा शहर की एक मौजूदा शराब दुकान को बंद कर उसके स्थान पर बरबसपुर में नई दुकान शुरू करने की तैयारी की है। दुकान शुरू होने से पहले ही स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
आंदोलन में बरबसपुर और आसपास के गांवों की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों के आमंत्रण पर पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर भी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद महिलाओं का उत्साह बढ़ गया और वे प्रस्तावित शराब दुकान के गेट तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगीं।
महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा और परिवारों पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। उनका आरोप है कि इससे घरेलू हिंसा और महिलाओं के साथ अभद्रता जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से प्रस्तावित शराब दुकान का निर्णय वापस लेने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि रामपुर क्षेत्र में संचालित शराब दुकान का भी लंबे समय से स्थानीय लोग विरोध करते रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह दुकान स्कूल, वाल्मीकि कल्याण आश्रम और मंदिर के समीप स्थित है। अब जब उस दुकान को हटाकर बरबसपुर में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है, तो नए स्थान पर भी विरोध शुरू हो गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।