प्रधान आरक्षक शीतल यादव की मौत पर परिजनों ने जताया संदेह, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
खैरागढ़ : छुईखदान थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक शीतल यादव की 6 जून 2026 को घर में फांसी लगाने से हुई मौत के मामले में अब परिजनों ने सवाल उठाए हैं। मृतक के माता-पिता ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
परिजनों ने आवेदन में घटना की परिस्थितियों, मृतक की पत्नी सती यादव के कथित बयानों और सीसीटीवी फुटेज में अंतर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि शीतल ड्यूटी खत्म करने के बाद रात करीब 9 से 10 बजे घर लौटे थे, जबकि पत्नी द्वारा उनके रात करीब 12 बजे घर आने की बात कही गई। वहीं, सुबह करीब 4 बजे पत्नी द्वारा घटना देखने के कथित बयान पर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
परिजनों ने घटना की रात के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पत्नी के मायके जाने, 20 मई को वापस लौटने और इसके करीब 20 दिन बाद शीतल की मौत होने की परिस्थितियों की भी जांच की मांग की गई है।
मृतक के भाई भानुप्रताप यादव ने आरोप लगाया कि परिवार पहले एसपी कार्यालय में शिकायत देना चाहता था, लेकिन आवेदन नहीं लिया गया। इसके बाद कलेक्टर को आवेदन सौंपा गया।
परिजनों ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर भी मांग रखी है। उनका कहना है कि पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने के बजाय मृतक के पुत्र लक्षित यादव को नौकरी दी जाए और पत्नी को पेंशन का लाभ दिया जाए। अब परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।