धमतरी में बाढ़ का अलर्ट! गंगरेल से छोड़ा जा रहा 4670 क्यूसेक पानी, महानदी किनारे बसे गांवों में बढ़ी सतर्कता
धमतरी/नगरी : धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव का स्तर काफी बढ़ गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे तक गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली 98.61 प्रतिशत, दुधावा 86.86 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत भर चुका है।
जलाशयों में पानी की लगातार आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय के तीन गेटों से कुल 4670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 1410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के जरिए महानदी मुख्य नहर में, जबकि 3360 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
महानदी में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की गई है। साथ ही अनावश्यक रूप से नदी पार करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मैदानी अमले और स्थानीय प्रशासन को भी जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि जलाशयों में पानी की अच्छी आवक को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है। महानदी किनारे बसे गांवों के लोग विशेष सावधानी बरतें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
उन्होंने अधिकारियों को जलाशयों और नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में समय पर सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
किस जलाशय में कितना पानी?
- गंगरेल जलाशय: 97.40% | आवक 3365 क्यूसेक
- मुरूमसिल्ली जलाशय: 98.61% | आवक 362 क्यूसेक
- दुधावा जलाशय: 86.86% | आवक 437 क्यूसेक
- सोंढूर जलाशय: 69.25% | आवक 167 क्यूसेक
जिला प्रशासन ने नागरिकों से नदी किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और बच्चों को नदी-नालों के पास नहीं जाने देने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहने और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।