राजनांदगांव में बंद हो रही एनसीसी यूनिट, कैडेट्स ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव : जिले के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में बंद पड़ी एनसीसी यूनिटों को दोबारा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। एनसीसी कैडेट क्लब के सदस्यों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर बंद यूनिटों को पुनः शुरू करने और प्रशिक्षित एएनओ की पदस्थापना की मांग की।
कैडेट क्लब के सदस्यों का कहना है कि जिले के 10 से अधिक शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में एनसीसी की गतिविधियां पूरी तरह ठप हैं। इससे करीब 1 हजार कैडेट्स का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि ग्वालियर और कामठी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों का स्थानांतरण ऐसे स्कूलों में कर दिया गया, जहां एनसीसी यूनिट संचालित नहीं है। इसके चलते पहले से चल रही यूनिटों में प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है।
कम मानदेय और आयु सीमा बनी बड़ी चुनौती
एनसीसी कैडेट क्लब के अध्यक्ष अमित चंद्रवंशी ने कहा कि 1500 से 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय और 40 वर्ष की आयु सीमा की बाध्यता के चलते एनसीसी के लिए नए शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्कूल सहित कुछ संस्थानों में नई एनसीसी यूनिट स्वीकृत होने के बावजूद अब तक एनसीसी अधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है।
प्रशिक्षित शिक्षकों की दोबारा पदस्थापना की मांग
ज्ञापन के जरिए प्रशिक्षित एनसीसी शिक्षकों को तत्काल एनसीसी यूनिट वाले स्कूलों में वापस पदस्थ करने की मांग की गई। इसके साथ ही रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने और स्वीकृत यूनिटों में ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर एनसीसी अधिकारी पदस्थ करने की मांग रखी गई।
कैडेट क्लब ने शिक्षकों के लिए निर्धारित 40 वर्ष की आयु सीमा में छूट देने और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी की है। वहीं नियमित एनसीसी अधिकारी की नियुक्ति होने तक पूर्व सी-सर्टिफिकेट धारक वरिष्ठ कैडेट्स को मानदेय पर केयरटेकर की जिम्मेदारी देने का सुझाव दिया गया है, ताकि स्कूलों में एनसीसी की गतिविधियां लगातार संचालित होती रहें।