खैरागढ़ : ब्रह्माकुमारी बहनों ने किया शिक्षकों का सम्मान, नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर दिया जोर
खैरागढ़ : शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय छुईखदान के मेडिटेशन हॉल में शिक्षकों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद स्वागत गीत और कु. स्वाति की एकल नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में रंग भर दिया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त महाविद्यालयीन शिक्षक लाल जे.के. वैष्णव मुख्य अतिथि, राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक मोहन जंघेल विशिष्ट अतिथि और सेंटर प्रभारी बहन भोज भारती उपस्थित रहीं। इस दौरान बहन भोज भारती ने सकारात्मक और शांतिपूर्ण जीवन के लिए अध्यात्म से जुड़ने को जरूरी बताया।
मुख्य अतिथि लाल जे.के. वैष्णव ने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। वहीं मोहन जंघेल ने शिक्षक की भूमिका को ऐसे दीपक के रूप में बताया, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को प्रकाशित करता है।
समारोह के दौरान लाल जे.के. वैष्णव और मोहन जंघेल सहित डॉ. सियाराम साहू, संजीव धुर्वे, कुंभ लाल जंघेल, राम जगदीश देवांगन, अश्वनी साहू, सुनील उपाध्याय, संध्या महोबिया, सुनीता सोनी और पिंकी राजपूत समेत अन्य शिक्षकों का साफा, पुस्तक, पेन और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।