साइबर ठगी के म्यूल अकाउंट पर पुलिस का शिकंजा, 14 खाताधारक और एजेंट कार्रवाई की जद में, कमीशन के लिए खाता देना पड़ सकता है भारी
दुर्ग: साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस जांच में ऐसे 14 लोगों की पहचान हुई है, जिन्होंने कथित तौर पर कमीशन या आर्थिक लाभ के बदले अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चीजें भी जब्त की हैं।
कमीशन के लालच में बैंक खाता देना बना मुसीबत
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि कुछ खाताधारकों ने 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल रकम को आगे भेजने के लिए किया जा रहा था।जांच के दौरान यह भी पता चला कि केवल बैंक खाता ही नहीं, बल्कि एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल सिम जैसी चीजें भी दूसरे लोगों को दी गई थीं।
14 लोगों पर कार्रवाई, चार थानों की टीम ने की जांच
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत छावनी, नेवई, भिलाई नगर थाना और एसीसीयू की टीम ने मिलकर कार्रवाई की।बैंक खातों के वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी की जांच के बाद संदिग्ध लेन-देन सामने आया। कार्रवाई के दायरे में भिलाई नगर थाना क्षेत्र से तीन, छावनी से तीन और नेवई थाना क्षेत्र से आठ लोग शामिल हैं। इस तरह कुल 14 खाताधारकों और एजेंटों पर कार्रवाई की गई है।
बैंक पासबुक से लेकर मोबाइल और सिम तक जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस को इन खातों में लाखों रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी मिली है।अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों में रकम कहां से आई और इसे आगे किन लोगों या खातों में भेजा गया।
चार अलग मामलों में दर्ज हुई कार्रवाई
पुलिस ने 5 अक्टूबर को इस मामले में अलग-अलग अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की। छावनी थाने में अपराध क्रमांक 626/2026 और 627/2026, नेवई थाने में अपराध क्रमांक 596/2026 और भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 522/2026 के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के तहत कार्रवाई की है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट और साइबर ठग इसका इस्तेमाल क्यों करते हैं
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों की अवैध या संदिग्ध रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। साइबर ठगी के मामलों में ठग सीधे अपने खाते में रकम लेने के बजाय दूसरे लोगों के खातों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे पैसे के वास्तविक स्रोत और अंतिम लाभार्थी तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।दुर्ग पुलिस अब ऐसे खातों से जुड़े बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस की अपील, कुछ हजार रुपये के लिए न सौंपें अपना बैंक खाता
दुर्ग पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम उपलब्ध न कराएं। ऐसी चीजों का इस्तेमाल साइबर अपराध में होने पर खाताधारक भी पुलिस जांच के दायरे में आ सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते या दस्तावेज के गलत इस्तेमाल की जानकारी मिलती है तो उसे तुरंत संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाने या साइबर अपराध हेल्पलाइन पर इसकी सूचना देनी चाहिए।