सहायक यंत्री से मारपीट करने वाले आरोपियों को 14 दिन बाद भी न... - CG Sandesh

सहायक यंत्री से मारपीट करने वाले आरोपियों को 14 दिन बाद भी नहीं पकड़ पायी है पुलिस

सरायपाली. विगत दिनों ग्राम बैतारी के तीन व्यक्तियों द्वारा विद्युत विभाग कार्यालय में पहुँचकर सहायक यंत्री टी आर गजभिये से मारपीट की गई थी, जिसकी शिकायत उनके द्वारा थाने में दर्ज करवाई गई थी, लेकिन इस घटना में एफआईआर होने के 14 दिन बाद भी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

इससे विद्युत कर्मचारियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. विगत 13 फरवरी को ग्राम बैतारी का एक व्यक्ति ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसके स्थान पर नये ट्रांसफार्मर की मांग को लेकर अपने दो अन्य साथियों के साथ विद्युत विभाग कार्यालय पहुँचा हुआ था.

पूर्व में लगे ट्रांसफार्मर पर बिजली बिल की राशि बकाया होने के कारण सहायक यंत्री श्री गजभिये के द्वारा बकाया राशि जमा करने के बाद ही नया ट्रांसफार्मर देने की बात कही गई. इस पर आरोपी नाराज हो गए और उनके द्वारा बकाया बिल की राशि को शून्य करने के लिए दबाव बनाया गया.

राशि शून्य नहीं करने पर बैतारी निवासी विजय पटेल पिता कुंजमन पटेल एवं उनके अन्य दो साथियों के द्वारा श्री गजभिये के साथ गाली गलौच एवं मारपीट की गई और शासकीय सामान को नुकसान पहुँचाया गया तथा जे ई के मोबाईल फोन को भी छीनकर वहाँ से फरार हो गए.

घटना के तुरंत बाद श्री गजभिये द्वारा आरोपियों के खिलाफ थाना में आवेदन दिया गया था, लेकिन घटना के 15 घण्टे बाद तक उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी.

इसपर सभी विद्युतकर्मी कार्यालय बंद कर एफआईआर दर्ज करवाने थाना पहुँच गए एवं काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था.

विद्युत विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि काफी दबाव के बाद ही आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किया गया था,  लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी थाना से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम बैतारी के आरोपियों को पकड़ने में पुलिस अब तक नाकाम है.

आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस गंभीर नजर नहीं आ रही है,  जिसका लाभ आरोपी उठा रहे हैं. अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कई प्रकार के संदेह उत्पन्न हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब शासकीय कर्मचारियों के साथ होने वाले इस घटना पर पुलिस गंभीर नहीं है, तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.

इस संबंध में थाना प्रभारी श्रीमती मल्लिका तिवारी से भी सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका.


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें