मेडिकेटेड मास्क नहीं मिला तो आदिवासियों ने अपनाया देशी जुगाड... - CG Sandesh

मेडिकेटेड मास्क नहीं मिला तो आदिवासियों ने अपनाया देशी जुगाड़, पत्तों से बनाया मास्क

कोरोना से जंग मेडिकेटेड मास्क नहीं मिला तो आदिवासियों ने अपनाया देशी जुगाड़ पत्तों से बनाया मास्क कांकेर आमाबेड़ा के एक गांव में कोरोना से बचने इस तरह के उपाय ग्रामीणों ने किए।

छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बगैर मास्क लगाए ​नहीं निकलने की एडवाजरी तो जारी कर दी, लेकिन दूरस्थ इलाकों में मास्क की उपलब्धता नहीं है, ऐसे में कांकेर में ग्रामीण व आदिवासियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशी तरीका अपनाया है, उन्होंने पेड़ के पत्तों से ही मास्क बना लिया है और उसका इस्तेमाल कर रहे हैं, आसपास अस्पताल नहीं होने के कारण ये देशी जुगाड़ ग्रामीणों ने अपनाया है,

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश में लॉकडाउन कर दिया गया है राज्य व जिलों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं ऐसे में कांकेर के आमाबेड़ा जैसे दूरस्थ इलाके के ग्राम कुरूटोला से जागरूकता की मिसाल देने वाली एक तस्वीर सामने आई है आसपास मेकिडकल की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने पेड़ के बड़े पत्तों का मास्क बनाया है और उसी का उपयोग कर रहे हैं, इतना ही नहीं जानकारी के अनुसार ग्रामीण सरकार की दूसरी एडवाज भी मान रहे हैं।

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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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