सिंघोड़ा :  खेत में महुआ बिनते समय पीछे से गौर ने किया हमला, ... - CG Sandesh
प्रतीकात्मक तस्वीर

सिंघोड़ा : खेत में महुआ बिनते समय पीछे से गौर ने किया हमला, रायपुर रिफर

आज सुबह करीब 9 बजे वन परिक्षेत्र सिंघोड़ा के वनांचल गांव बांझापाली के सत्यनारायण प्रधान उम्र 45 वर्ष को अपने खेत में महुआ बिनते समय पीछे से गौर(जंगली जानवर) ने हमला कर दिया, जिससे सत्यनारायण को गंभीर रुप से घायल हो गया.

इसके बाद आसपास के लोगो ने किसी तरह गौर(जंगली जानवर) को खदेड़ कर उसे 112 कि मदद से खण्ड चिकित्सालय भेजा, लेकिन आज स्वास्थ केंद्र बंद होने के कारण उसे रायपुर रिफर करवाया गया.

वहीं वन विभाग सरायपाली सिंघोडा के आरओ किशोरी साहू ने सीजी संदेशडॉट कॉम को बताया कि हमले के बाद घायल को तत्कालीन सहायता राशि दिया गया और स्वास्थ केंद्र भेजवाया गया, जहां आज स्वास्थ केंद्र बन्द रहने के कारण परिवार वालो द्वारा रायपुर रिफर करवाया गया है.

आरओ किशोरी साहू ने बताया कि क्षेत्र में वन भैसा नही है, वह भैसा बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का होता है.


जानकारी के अनुसार गौर (Bos gaurus, पहले Bibos gauris) दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया मे पाया जाने वाला एक बड़ा, काले लोम से ढका गोजातीय पशु है. आज इसकी सबसे बड़ी आबादी भारत में पाई जाती हैं.

गौर जंगली मवेशियों मे से सबसे बड़ा होता है. पालतू गौर 'गायल' या 'मिथुन' कहलाता है. भारत के भिन्न भिन्न भागों में इसका भिन्न भिन्न स्थानीय नाम है, जैसे गौरी गाय, बोदा, गवली इत्यादि.

इसके साथ ही तुमगांव क्षेत्र में भी दो लोगों को गौर द्वारा हमला करने की खबर आ रही है जिसमे श्रीमती जानकी बाई पति रामनिषाद बंजारे, उम्र 60 वर्ष ग्राम जोबा के सर और पैर पर तथा योगेश कुमार साहू पिता चुन्नू लाल उम्र 50 वर्ष ग्राम गढ़शिवनी के पेट पर जंगली गौर के द्वारा पेट में घायल करने की बात सामने आ रही है. जिनका शासकीय अस्पताल तुमगांव लाकर इलाज करवाया जा रहा है.

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