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कोरोना के मरीज़ों को लेकर स्वास्थ विभाग को ट्वीट करना पड़ा डिलीट, लेकिन वायरल हो चुके थे स्क्रीनशॉट

कोरोना संक्रमण काल के दौरान आज स्वास्थ विभाग द्वारा जारी एक ट्वीट पर भरोषा करना पत्रकार को महंगा पड़ गया, जबकि सरकार लगातार सोशल मीडिया में भ्रामक जानकारी व गलत जानकारी प्रचार करने से बचने को कह रही है. लेकिन आज स्वास्थ विभाग द्वारा ट्वीट में एक गलती हो गई जिसे कई लोगों ने स्क्रीनशॉट लेकर व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट भी किया.

हालाकि कि स्वास्थ विभाग द्वारा यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया लेकिन तब तक यह ट्वीट का स्क्रीनशॉट कई व्हाट्सएप ग्रुप में आ चुका था, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नया ट्वीट और मीडिया बुलेटिन भी जारी किया लेकिन लोगों के बिच काफी देर तक भ्रम की स्थिति बनी रही.

दरअसल आज स्वास्थ विभाग ने ट्वीटर पर 11 बजकर 59 पर एक ट्वीट किया जिमसे प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या को 68 बता दिया गया था, जिसके बाद राज्य में एक्टिव केस की संख्या 68 बताकर पोस्ट किये जाने लगे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उस ट्वीट को बाद में डिलीट कर एक्टिव केस की संख्या 67 बताई. जिसके बाद एक्टिव केस की संख्या 67 वाले भी पोस्ट वायरल हुए, लेकिन लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रही.

गौरतलब है कि राज्य में दिन एक से अधिक बार कोरोना मरीजों के संख्या की पुष्टि की जाती है, कई बार इसकी संख्या छत्तीसगढ़ के आईजी दीपांशु काबरा द्वारा कई बार एम्स एवंम कई बार स्वास्थ विभाग द्वारा ट्वीट किया जाता है. मरीजों के स्वस्थ होंने, नए कोरोना मरीजों की पुष्टि अथवा अन्य कई जानकारी के लिए लोग लगातार इस अकाउंट में नजर बनाये रखते है. और ट्वीट आते ही पोस्ट और जानकारी शेयर करने लगते है.

जिसका शिकार हुए आज महासमुंद जिले के पत्रकार रामकुमार नायक हुए. रामकुमार नायक काका खबरीलाल डॉट कॉम में संपादक है, और ग्राफ़िक्स पोस्ट के माध्यम से लोगों तक कोरोना के मरीजों की सम्बंधित जानकारी पहुँचाने में एक्टिव रहते है, देर रात भी इनके कोरोना अपडेट को लेकर पोस्ट कई सारे व्हाट्सएप ग्रुप में आते है, जिसे लेकर लोग इनके पोस्ट पर काफ़ी भरोसा करते है. लेकिन इस बार स्वास्थ विभाग द्वारा जारी एक ट्वीट पर उनको भरोसा करना महंगा पड़ गया, जिसके बाद उन्हें कई व्हाट्सएप ग्रुप से अपने पोस्ट डीलिट करने पड़े.

रामकुमार नायक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ के ट्विटर अकाउंट से जानकारी मिला था कि एक्टिव मरीजों की संख्या 68 है, जिसको आधार मान कर मैं खबर चलाया, लेकिन कुछ समय पश्चात शार्ट मीडिया बुलेटिन भी जारी हुआ जिसमें 67 मरीजों की एक्टिव बताई गयी,और 68 मरीज एक्टिव वाला ट्वीट डिलीट कर दिया गया, शुक्र है कि मैंने स्क्रीन शॉट कर लिया था, हर बार अलग अलग अकाउंट जैसे आईपीएस दिपांसु काबरा, एम्स रायपुर तो कभी स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा कोरोना अपडेट दिया जाता है,इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है, मिडिया के माध्यम ने सादर निवेदन है कि किसी एक अधिकृत ट्विटर अकाउंट से कोरोना अपडेट दिया जाए, ताकि पत्रकारों एवं कोरोना अपडेट जानने जिज्ञासुओं को कन्फ्यूजन न हो.     

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